RVNL Q4 Results: मुनाफे में 59% की बड़ी गिरावट, लेकिन डिविडेंड से निवेशकों को मिला सहारा

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सरकारी रेलवे कंपनी Rail Vikas Nigam Limited (RVNL) के तिमाही नतीजों ने बाजार को थोड़ा चौंकाया है। कंपनी का चौथी तिमाही का मुनाफा तेज गिरावट के साथ सामने आया, लेकिन इसके बावजूद मैनेजमेंट ने निवेशकों को डिविडेंड देने का फैसला किया है। ऐसे में अब बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या आने वाले महीनों में कंपनी अपने मार्जिन और ऑर्डर ग्रोथ को फिर मजबूत कर पाएगी।

सोमवार को RVNL का शेयर हल्की बढ़त के साथ ₹272.55 पर बंद हुआ। हालांकि रिजल्ट के आंकड़े बताते हैं कि कंपनी की कमाई पर दबाव बढ़ा है।

चौथी तिमाही में कितना घटा प्रॉफिट?

जनवरी से मार्च 2026 तिमाही के दौरान RVNL का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट घटकर ₹187 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹455 करोड़ से ज्यादा का मुनाफा कमाया था। यानी सालाना आधार पर करीब 59% की गिरावट दर्ज हुई।

रेलवे सेक्टर में लगातार बड़े प्रोजेक्ट मिलने के बावजूद बढ़ती लागत और कमजोर ऑपरेटिंग मार्जिन का असर कंपनी के नतीजों पर साफ दिखाई दिया।

Revenue बढ़ा, लेकिन कमाई पर दबाव कायम

दिलचस्प बात यह रही कि कंपनी का कारोबार पूरी तरह कमजोर नहीं पड़ा। मार्च तिमाही में RVNL का रेवेन्यू बढ़कर करीब ₹6,696 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल ₹6,427 करोड़ था। यानी कंपनी की प्रोजेक्ट एक्टिविटी मजबूत बनी हुई है।

लेकिन ऑपरेटिंग स्तर पर तस्वीर उतनी मजबूत नहीं दिखी। EBITDA घटकर ₹268 करोड़ रह गया, जबकि एक साल पहले यह ₹436 करोड़ था।

मार्जिन में आई बड़ी कमजोरी

कंपनी का EBITDA Margin घटकर सिर्फ 4% रह गया। पिछले साल यही मार्जिन 6.8% था। इसका मतलब है कि प्रोजेक्ट्स से रेवेन्यू तो आया, लेकिन लागत तेजी से बढ़ने की वजह से कंपनी मुनाफे को बचा नहीं पाई।

रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कच्चे माल, लेबर कॉस्ट और प्रोजेक्ट देरी जैसी चुनौतियां कई कंपनियों के मार्जिन पर असर डाल रही हैं।

कमजोर नतीजों के बावजूद डिविडेंड का ऐलान

RVNL ने निवेशकों को निराश नहीं किया। कंपनी के बोर्ड ने ₹10 फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर ₹0.71 फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है।

हालांकि अंतिम मंजूरी AGM में शेयरधारकों की स्वीकृति के बाद मिलेगी। मंजूरी मिलने के बाद 30 दिनों के भीतर डिविडेंड भुगतान किया जाएगा।

कंपनी बंद करेगी विदेशी Joint Venture

RVNL ने यह भी जानकारी दी कि किर्गिस्तान में उसका संयुक्त उद्यम Kyrgyzindustry-RVNL CJSC बंद किया जा रहा है। यह JV मध्य एशिया में रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार के लिए बनाया गया था।

विशेषज्ञ इसे कंपनी की रणनीतिक restructuring के तौर पर देख रहे हैं, जहां अब फोकस घरेलू प्रोजेक्ट्स और ज्यादा profitable बिजनेस पर किया जा सकता है।

ऑर्डर बुक अब भी मजबूत

कमजोर तिमाही के बावजूद RVNL के लिए सबसे बड़ा पॉजिटिव फैक्टर उसकी मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन बनी हुई है। कंपनी को हाल ही में NMDC और पश्चिम मध्य रेलवे से करीब ₹1,000 करोड़ के नए रेलवे प्रोजेक्ट्स मिले हैं।

सरकार का रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता फोकस आने वाले वर्षों में RVNL जैसी कंपनियों को लगातार सपोर्ट दे सकता है।

RVNL Share पर क्या है बाजार की नजर?

पिछले एक महीने में RVNL का शेयर करीब 11% टूट चुका है। वहीं एक साल में स्टॉक ने निगेटिव रिटर्न दिया है। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह शेयर अब भी बड़ा wealth creator साबित हुआ है और 5 साल में 800% से ज्यादा का रिटर्न दे चुका है।

अब निवेशकों की नजर कंपनी के:

  • नए ऑर्डर्स
  • मार्जिन रिकवरी
  • रेलवे कैपेक्स
  • प्रोजेक्ट execution

जैसे फैक्टर्स पर रहेगी।

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