रेलवे सेक्टर के शेयरों में सोमवार को अचानक आई तेज खरीदारी ने बाजार का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया। वजह बनी भारतीय रेलवे की वह बड़ी तैयारी, जिसके तहत अगले कुछ वर्षों में करीब 1 लाख मालगाड़ी वैगन खरीदने की योजना बनाई जा रही है। बाजार में खबर फैलते ही वैगन और रेलवे इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियों के शेयर रॉकेट की तरह भागने लगे।
सबसे ज्यादा चर्चा में रहे Titagarh Rail Systems, Jupiter Wagons और Texmaco Rail & Engineering जैसे स्टॉक्स, जिनमें निवेशकों ने जमकर खरीदारी की।
₹40,000 करोड़ का मेगा टेंडर ला सकता है नई रफ्तार
रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय रेलवे अगले 3 से 4 सालों के दौरान freight wagons की बड़ी खरीदारी के लिए करीब ₹40,000 करोड़ का टेंडर जारी कर सकता है। माना जा रहा है कि यह टेंडर 2022 में जारी हुए बड़े वैगन ऑर्डर से भी बड़ा हो सकता है।
उस समय रेलवे ने 1 लाख वैगन खरीदने का लक्ष्य रखा था। अब नई योजना के तहत हर साल 35,000 से 40,000 वैगन खरीदे जा सकते हैं। इंडस्ट्री सूत्रों का मानना है कि पहला बड़ा ऑर्डर चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर के बीच जारी हो सकता है।
बाजार में क्यों बढ़ी हलचल?
रेलवे कैपेक्स पर सरकार का लगातार फोकस पहले से ही इस सेक्टर को सपोर्ट दे रहा था। अब इतने बड़े संभावित ऑर्डर ने निवेशकों को यह संकेत दिया है कि आने वाले कई वर्षों तक रेलवे वैगन कंपनियों के पास मजबूत बिजनेस विजिबिलिटी बनी रह सकती है।
यही वजह रही कि रेलवे वैगन स्टॉक्स में जोरदार तेजी देखने को मिली।
- Titagarh Rail का शेयर करीब 10% उछलकर ₹832 के आसपास बंद हुआ।
- Jupiter Wagons में लगभग 7% की तेजी दर्ज हुई।
- Texmaco Rail भी करीब 5% चढ़कर बंद हुआ।
इन तीनों कंपनियों को संभावित टेंडर के बड़े लाभार्थियों के तौर पर देखा जा रहा है।
रेलवे कंपनियों से क्या बात कर रहा है इंडियन रेलवे?
सूत्रों के अनुसार भारतीय रेलवे फिलहाल वैगन निर्माण कंपनियों के साथ बातचीत कर रहा है ताकि उनकी सप्लाई क्षमता का आकलन किया जा सके। इसके बाद अलग-अलग चरणों में टेंडर जारी किए जा सकते हैं।
इसका मतलब है कि रेलवे सिर्फ ऑर्डर जारी करने पर नहीं बल्कि execution capacity पर भी फोकस कर रहा है, ताकि भविष्य में सप्लाई में देरी जैसी समस्याएं न आएं।
Titagarh Rail क्यों बना बाजार का फेवरेट?
रेलवे वैगन और कोच मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में Titagarh Rail एक बड़ा नाम माना जाता है। कंपनी की वैगन इंडस्ट्री में लगभग 25% हिस्सेदारी बताई जाती है।
रेलवे मॉडर्नाइजेशन, मेट्रो कोच और freight mobility जैसे सेगमेंट में कंपनी लगातार अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। यही कारण है कि रेलवे ऑर्डर से जुड़ी हर खबर पर निवेशकों की नजर सबसे पहले इस स्टॉक पर जाती है।
Jupiter Wagons पर भी निवेशकों की नजर
Jupiter Wagons की कमाई का बड़ा हिस्सा रेलवे वैगन बिजनेस से आता है। कंपनी freight wagons, brake systems और रेलवे लॉजिस्टिक्स इक्विपमेंट से जुड़ी मजबूत उपस्थिति रखती है।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर बड़ा टेंडर आता है तो Jupiter Wagons को भी इसका बड़ा फायदा मिल सकता है।
Texmaco Rail के लिए क्यों अहम है यह मौका?
Texmaco Rail पहले भी भारतीय रेलवे के बड़े वैगन ऑर्डर्स का हिस्सा रह चुकी है। कंपनी के मैनेजमेंट के अनुसार पिछले बड़े रेलवे टेंडर के तहत सप्लाई किए गए कुल वैगनों में बड़ा हिस्सा Texmaco ने पूरा किया था।
कंपनी की सालाना वैगन निर्माण क्षमता 15,000 यूनिट से ज्यादा बताई जाती है। ऐसे में लंबी अवधि के नए ऑर्डर Texmaco की production visibility को मजबूत कर सकते हैं।
क्या रेलवे स्टॉक्स में अभी और तेजी बाकी है?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि रेलवे सेक्टर फिलहाल लंबी अवधि की structural growth story बना हुआ है। सरकार:
- Dedicated Freight Corridors
- Logistics Infrastructure
- Cargo Movement Expansion
- Railway Modernisation
जैसे क्षेत्रों पर लगातार खर्च बढ़ा रही है।
अगर 1 लाख वैगन वाला टेंडर आधिकारिक रूप से जारी होता है, तो रेलवे manufacturing ecosystem से जुड़ी कई कंपनियों को multi-year revenue visibility मिल सकती है।
निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
रेलवे सेक्टर में निवेश करने वाले निवेशकों को आने वाले समय में इन फैक्टर्स पर नजर रखनी होगी:
- टेंडर की आधिकारिक घोषणा
- ऑर्डर अलॉटमेंट
- कंपनियों की execution capacity
- EBITDA margins
- सरकारी रेलवे कैपेक्स
क्योंकि तेज रैली के बाद valuation भी तेजी से बढ़ते हैं और ऐसे में stock-specific selection काफी अहम हो जाता है।
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