सरकारी कोयला कंपनी Coal India Limited एक बार फिर बाजार की सुर्खियों में है। केंद्र सरकार ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए ऑफर फॉर सेल (OFS) लाने का फैसला किया है। खास बात यह है कि निवेशकों को शेयर मौजूदा बाजार भाव से बड़े डिस्काउंट पर ऑफर किए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस बिक्री के जरिए सरकार 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटा सकती है।
बाजार जानकारों के मुताबिक यह OFS सिर्फ सरकार के डिसइन्वेस्टमेंट प्लान का हिस्सा नहीं है, बल्कि लंबे समय के निवेशकों के लिए भी एक अहम अवसर माना जा रहा है।
क्या है Coal India OFS?
सरकार Coal India में अपनी कुल 2% तक हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है। इसमें 1% हिस्सा बेस ऑफर के तहत रखा गया है, जबकि अतिरिक्त 1% ग्रीनशू ऑप्शन के जरिए बेचा जा सकता है।
अगर निवेशकों की तरफ से मजबूत मांग आती है, तो सरकार ग्रीनशू विकल्प का इस्तेमाल करते हुए इश्यू साइज बढ़ा सकती है।
कब खुलेगा OFS?
निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के अनुसार:
- 27 मई को Non-Retail Investors बोली लगा सकेंगे
- 29 मई से Retail Investors के लिए OFS खुलेगा
यानी छोटे निवेशकों को भी इस इश्यू में भाग लेने का मौका मिलेगा।
फ्लोर प्राइस में बड़ा डिस्काउंट
सरकार ने OFS के लिए फ्लोर प्राइस 412 रुपये प्रति शेयर तय किया है। यह 26 मई के बंद भाव के मुकाबले करीब 10% कम है।
आमतौर पर OFS में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए डिस्काउंट दिया जाता है, लेकिन इस बार छूट का स्तर काफी बड़ा माना जा रहा है। यही वजह है कि बाजार में इस OFS को लेकर अच्छी चर्चा है।
सरकार कितना पैसा जुटाएगी?
बेस इश्यू के जरिए सरकार लगभग 2,539 करोड़ रुपये जुटा सकती है। वहीं यदि ग्रीनशू ऑप्शन भी पूरी तरह इस्तेमाल होता है, तो कुल रकम करीब 5,078 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
यह रकम सरकार के विनिवेश कार्यक्रम को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
Coal India क्यों बनी हुई है मजबूत कंपनी?
DIPAM सचिव अरुणिश चावला के मुताबिक Coal India लगातार मजबूत वित्तीय प्रदर्शन कर रही है। कंपनी का कैश फ्लो, डिविडेंड रिकॉर्ड और सरकारी सपोर्ट इसे लंबे समय के निवेश के लिए आकर्षक बनाता है।
Coal India को बाजार में एक हाई डिविडेंड PSU स्टॉक के तौर पर देखा जाता है। कंपनी लगातार निवेशकों को अच्छा रिटर्न देने के लिए जानी जाती है।
सरकार की हिस्सेदारी कितनी है?
मार्च 2026 तिमाही तक केंद्र सरकार के पास Coal India में 63.1% हिस्सेदारी थी। OFS के बाद इसमें थोड़ी कमी आएगी, लेकिन सरकार कंपनी की सबसे बड़ी शेयरधारक बनी रहेगी।
किन बड़े निवेशकों की है हिस्सेदारी?
Coal India में कई बड़े संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी मौजूद है:
- LIC के पास 11.05% हिस्सेदारी
- घरेलू म्यूचुअल फंड्स के पास करीब 9.5% हिस्सा
- विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के पास 8.38% हिस्सेदारी
- 25 लाख से ज्यादा रिटेल निवेशक भी कंपनी में निवेशक हैं
यानी OFS में संस्थागत और खुदरा दोनों तरह के निवेशकों की दिलचस्पी देखने को मिल सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
मार्केट एक्सपर्ट्स मानते हैं कि डिस्काउंट पर OFS आने से शॉर्ट टर्म में शेयर पर दबाव दिख सकता है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह एंट्री का मौका भी बन सकता है।
Coal India का मजबूत डिविडेंड ट्रैक रिकॉर्ड और सरकारी समर्थन इसे PSU स्पेस में अलग पहचान देता है। हालांकि निवेशकों को कोयला मांग, सरकारी नीतियों और ग्लोबल एनर्जी ट्रेंड्स पर नजर बनाए रखनी होगी।
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