भारतीय शेयर बाजार में इस साल सबसे दिलचस्प कहानी अगर किसी सेक्टर ने लिखी है, तो वह पावर स्पेस है। बढ़ती बिजली मांग, रिकॉर्ड गर्मी और ऊर्जा खपत में तेज उछाल ने पावर कंपनियों के शेयरों को नई रफ्तार दे दी है। इसी बीच Adani Power ने एक बड़ा पड़ाव हासिल करते हुए आईटी दिग्गज Infosys को मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में पीछे छोड़ दिया है।
यह बदलाव सिर्फ दो कंपनियों के मार्केट वैल्यू का अंतर नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत भी माना जा रहा है कि फिलहाल बाजार की प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं। जहां एक तरफ निवेशक पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर थीम पर दांव बढ़ा रहे हैं, वहीं आईटी सेक्टर पर AI और वैश्विक खर्च में सुस्ती का दबाव बना हुआ है।
मार्केट कैप में बड़ा उलटफेर
हालिया तेजी के बाद Adani Power का बाजार पूंजीकरण करीब 4.85 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके साथ कंपनी देश की सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनियों की सूची में 11वें स्थान पर आ गई है।
दूसरी तरफ Infosys का मार्केट कैप लगभग 4.72 लाख करोड़ रुपये के आसपास रह गया। लगातार दबाव में चल रहे आईटी शेयरों ने इस अंतर को और बढ़ा दिया।
बुधवार के कारोबार में Adani Power का शेयर करीब 3 प्रतिशत तक चढ़कर 52 हफ्तों के नए उच्च स्तर 252 रुपये पर पहुंच गया। स्टॉक ने सिर्फ 2026 में अब तक करीब 68 प्रतिशत की तेजी दिखाई है।
अगर लंबी अवधि की बात करें, तो पिछले एक साल में शेयर 126 प्रतिशत से ज्यादा उछला है। वहीं तीन साल में करीब 384 प्रतिशत और पांच साल में 1200 प्रतिशत से ज्यादा की रिटर्न कहानी ने इसे बाजार के सबसे चर्चित मल्टीबैगर शेयरों में शामिल कर दिया है।
आखिर क्यों बढ़ रही है Adani Power की चमक?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा रैली के पीछे सबसे बड़ा कारण बिजली की मांग में तेज उछाल है। देश के कई हिस्सों में रिकॉर्ड गर्मी और लंबे हीटवेव दौर ने पावर कंजम्प्शन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।
मौसम एजेंसियों द्वारा मजबूत El Niño की आशंका जताए जाने के बाद निवेशकों का भरोसा पावर कंपनियों पर और मजबूत हुआ है। उम्मीद है कि आने वाले महीनों में पीक बिजली मांग और बढ़ सकती है, जिसका सीधा फायदा बिजली उत्पादन कंपनियों को मिल सकता है।
गर्मी की गंभीर स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मई के दौरान दुनिया के सबसे गर्म शहरों की सूची में बड़ी संख्या भारतीय शहरों की रही। इससे एयर कंडीशनिंग, कूलिंग और इंडस्ट्रियल पावर डिमांड तेजी से बढ़ी है।
इसी माहौल में निवेशकों ने पावर सेक्टर को एक मजबूत थीम के तौर पर देखना शुरू किया है।
दूसरी तरफ क्यों फिसल रहे हैं IT शेयर?
जहां पावर सेक्टर में उत्साह बढ़ा है, वहीं आईटी कंपनियां कई मोर्चों पर दबाव झेल रही हैं। वैश्विक टेक खर्च में सुस्ती, क्लाइंट्स की लागत कटौती और AI आधारित ऑटोमेशन को लेकर बढ़ती चिंता ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है।
Infosys जैसे बड़े आईटी शेयरों पर इसका असर साफ दिखा है। कंपनी का स्टॉक 2026 में अब तक करीब 29 प्रतिशत टूट चुका है। पिछले एक साल में इसमें लगभग 26 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
बाजार में चिंता इस बात को लेकर भी है कि तेजी से विकसित हो रही AI टेक्नोलॉजी पारंपरिक आईटी सर्विस मॉडल को प्रभावित कर सकती है। हाल के महीनों में कई ग्लोबल AI प्लेटफॉर्म्स ने ऑटोमेशन क्षमताओं का विस्तार किया है, जिससे टेक सर्विस कंपनियों के भविष्य को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
हालांकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि AI लंबे समय में आईटी कंपनियों के लिए अवसर भी बन सकता है, लेकिन फिलहाल बाजार सावधानी के मूड में नजर आ रहा है।
क्या पावर सेक्टर की रैली अभी जारी रह सकती है?
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर गर्मी और बिजली मांग का मौजूदा ट्रेंड बना रहता है, तो पावर कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रह सकती है। खासकर वे कंपनियां जिनकी उत्पादन क्षमता मजबूत है और जो बढ़ती मांग का फायदा उठा सकती हैं।
हालांकि तेज रैली के बाद वैल्यूएशन पर नजर रखना भी जरूरी होगा। क्योंकि पिछले कुछ महीनों में पावर शेयरों में आई तेजी ने कई स्टॉक्स को काफी ऊंचे स्तरों पर पहुंचा दिया है।
फिलहाल बाजार का संकेत साफ है — इस समय निवेशकों की पसंद टेक से ज्यादा पावर सेक्टर बनता दिखाई दे रहा है।
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