IREDA Q1 Results: रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची लोन बुक, 37% बढ़ा मुनाफा; सोलर प्रोजेक्ट्स ने बढ़ाई सरकारी कंपनी की रफ्तार

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Highlights

  • जून तिमाही में शुद्ध लाभ करीब 37% बढ़ा
  • लोन बुक पहली बार ₹95 हजार करोड़ के करीब पहुंची
  • सोलर एनर्जी सबसे बड़ा फाइनेंसिंग सेक्टर बना
  • NII और NIM दोनों में सुधार दर्ज
  • नेट NPA घटा, जबकि ग्रॉस NPA में हल्की बढ़ोतरी

IREDA ने फिर दिखाई मजबूत ग्रोथ

देश में स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को वित्तीय सहायता देने वाली सरकारी नवरत्न कंपनी IREDA ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी की आय और मुनाफे दोनों में अच्छी बढ़त देखने को मिली है, जबकि लोन पोर्टफोलियो भी लगातार विस्तार कर रहा है। इससे साफ संकेत मिलता है कि भारत में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में निवेश की रफ्तार अभी भी मजबूत बनी हुई है।

मुनाफे में जोरदार बढ़ोतरी

अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान IREDA का शुद्ध लाभ (Net Profit) बढ़कर ₹337.5 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने ₹246.7 करोड़ का लाभ दर्ज किया था। यानी सालाना आधार पर कंपनी का मुनाफा लगभग 36.8% बढ़ा है।

बेहतर ब्याज आय और बढ़ते ऋण वितरण ने इस प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई।

ब्याज से कमाई में भी मजबूती

कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी लगातार मजबूत होती दिखाई दी। जून तिमाही में यह बढ़कर ₹856.8 करोड़ पहुंच गई, जबकि एक वर्ष पहले यही आंकड़ा ₹690.5 करोड़ था।

यह वृद्धि बताती है कि कंपनी की मुख्य फाइनेंसिंग गतिविधियां लगातार विस्तार कर रही हैं और ऋण से होने वाली आय में सुधार बना हुआ है।

₹94,936 करोड़ तक पहुंचा लोन पोर्टफोलियो

IREDA की सबसे बड़ी उपलब्धियों में उसकी बढ़ती लोन बुक भी शामिल रही।

30 जून 2026 तक कंपनी का कुल ऋण पोर्टफोलियो बढ़कर ₹94,936 करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 19% अधिक है।

तिमाही के दौरान कंपनी ने:

  • ₹4,991 करोड़ का फंड जुटाया।
  • ₹6,556 करोड़ के नए लोन जारी किए।
  • ₹3,380 करोड़ के नए ऋण स्वीकृत किए।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं के लिए वित्तीय मांग लगातार बनी हुई है।

सोलर सेक्टर बना सबसे बड़ा ग्राहक

कंपनी की कुल लोन बुक में सबसे बड़ी हिस्सेदारी सोलर एनर्जी परियोजनाओं की रही।

सेक्टरवार लोन वितरण इस प्रकार रहा—

  • सोलर एनर्जी – 26%
  • राज्य बिजली वितरण कंपनियां – 19%
  • विंड एनर्जी – 11%
  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर – 11%

भारत में तेजी से बढ़ते सोलर निवेश का सीधा फायदा IREDA को मिलता दिखाई दे रहा है।

मार्जिन सुधरा, एसेट क्वालिटी पर मिली-जुली तस्वीर

कंपनी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) बढ़कर 3.75% हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह 3.60% था।

साथ ही—

  • प्रोविजन कवरेज रेशियो 68.22%
  • कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 20.30%

हालांकि ग्रॉस एनपीए (GNPA) बढ़कर 3.76% पहुंच गया, जो पिछली तिमाही में 3.49% था।

वहीं सकारात्मक पक्ष यह रहा कि नेट एनपीए (NNPA) घटकर 1.23% रह गया। यह संकेत देता है कि कंपनी की रिकवरी और जोखिम प्रबंधन व्यवस्था पहले की तुलना में बेहतर हुई है।

शेयर पर निवेशकों की नजर

तिमाही नतीजों से पहले IREDA का शेयर ₹122.98 पर बंद हुआ, जिसमें दिनभर के कारोबार में करीब 2.83% की तेजी दर्ज की गई।

हालांकि पिछले एक वर्ष में शेयर ने निवेशकों को निराश किया है और इसमें लगभग 17% की गिरावट देखने को मिली है। अब बाजार की नजर आने वाली तिमाहियों में कंपनी की लोन ग्रोथ, एसेट क्वालिटी और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में नए अवसरों पर रहेगी।

क्या कहते हैं ये नतीजे?

जून तिमाही के आंकड़े बताते हैं कि IREDA का मूल कारोबार मजबूत बना हुआ है। लगातार बढ़ती लोन बुक, बेहतर ब्याज आय और सोलर सेक्टर में मजबूत मौजूदगी कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हैं। हालांकि ग्रॉस एनपीए में आई बढ़ोतरी पर आगे भी नजर रखना जरूरी होगा।

यदि आने वाले समय में कंपनी इसी गति से ऋण वितरण बढ़ाते हुए एसेट क्वालिटी को नियंत्रित रखती है, तो इसका असर भविष्य के वित्तीय प्रदर्शन पर भी दिखाई दे सकता है।

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अस्वीकरण: यह लेख केवल सूचना और शैक्षणिक उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे निवेश सलाह या किसी शेयर में खरीद-बिक्री की सिफारिश न माना जाए। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।

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