Suzlon Energy Share: क्या मल्टीबैगर रैली खत्म हो गई? अब निवेशकों को क्या करना चाहिए

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Suzlon Energy के शेयरों ने पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया, लेकिन अब बाजार के कुछ जानकारों का मानना है कि शेयर की तेज़ रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ सकती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनी का भविष्य खराब हो गया है, बल्कि अब निवेशकों को पहले जैसी एकतरफा तेजी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।

Suzlon Energy शेयर फिर चर्चा में क्यों?

एक समय निवेशकों को शानदार रिटर्न देने वाला Suzlon Energy का शेयर एक बार फिर चर्चा में है। पिछले कुछ वर्षों की तेज़ रैली के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या कंपनी के शेयर की रफ्तार धीमी पड़ गई है। इसी बीच मार्केट एक्सपर्ट प्रदीप हलदार ने शेयर के मौजूदा ट्रेंड और आगे की संभावनाओं पर अपनी राय रखी है।

एक्सपर्ट ने क्या कहा?

प्रदीप हलदार के अनुसार, Suzlon Energy में पहले जैसी लगातार और एकतरफा तेजी फिलहाल देखने को नहीं मिल सकती। उनका कहना है कि 2021 से लेकर 2024 के बीच जिन सेक्टर्स ने सबसे मजबूत प्रदर्शन किया था, उनमें अब पहले जैसी गति नहीं दिखाई दे रही है। उन्होंने डिफेंस, रेलवे और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर का उदाहरण देते हुए कहा कि इन क्षेत्रों के कई शेयर अब सीमित दायरे में कारोबार करते नजर आ रहे हैं।

अगस्त 2024 के बाद बदला ट्रेंड

हलदार का मानना है कि Suzlon Energy के शेयर ने वर्ष 2024 के आसपास अपनी मजबूत तेजी का चरण पूरा कर लिया था। इसके बाद शेयर में उतार-चढ़ाव बढ़ा और पहले जैसा लगातार ऊपर जाने वाला ट्रेंड कमजोर पड़ता दिखाई दिया। उनका कहना है कि अब बाजार पहले की तुलना में अधिक चयनात्मक हो गया है।

किन स्तरों का किया गया उल्लेख?

अपने विश्लेषण में प्रदीप हलदार ने Suzlon Energy के लिए ₹47 का स्तर महत्वपूर्ण बताया है। वहीं ऊपर की ओर ₹64 और ₹71 के स्तरों का उल्लेख किया है। उनके अनुसार, यदि शेयर में कोई बड़ी चाल बनती है तो इसमें दो से तीन तिमाहियों का समय लग सकता है।

suzlon stock

रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की तस्वीर

Suzlon Energy भारत की प्रमुख विंड एनर्जी कंपनियों में शामिल है और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर देश की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है। हालांकि बाजार में किसी सेक्टर की मजबूत संभावनाएं हमेशा उसके शेयरों में तुरंत तेज़ी के रूप में दिखाई दें, ऐसा जरूरी नहीं होता। कई बार बेहतर कारोबारी माहौल के बावजूद शेयर कुछ समय तक सीमित दायरे में कारोबार करते हैं।

बाजार का बदलता रुख

हाल के महीनों में बाजार का फोकस उन शेयरों की ओर अधिक रहा है, जिनमें नए ट्रिगर और बेहतर ग्रोथ की संभावना दिखाई दे रही है। ऐसे में जिन शेयरों ने पहले लंबी रैली दी थी, उनमें अब पहले जैसी तेज़ गति नहीं दिख रही है। Suzlon Energy को लेकर प्रदीप हलदार की टिप्पणी भी इसी बदलते बाजार रुख को दर्शाती है।

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Disclaimer: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी बाजार विशेषज्ञों की सार्वजनिक टिप्पणियों पर आधारित है। निवेश से जुड़ा कोई भी निर्णय लेने से पहले स्वयं पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

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