Kiara Advani: बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं से बढ़ जाती हैं उम्मीदें, अभिनेत्री ने कही दिल छू लेने वाली बात

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“प्रेग्नेंसी में देवी, डिलीवरी के बाद जजमेंट!” कियारा आडवाणी ने मां बनने के बाद महिलाओं की सबसे बड़ी चुनौती पर की खुलकर बात

मां बनने का सफर अक्सर किसी महिला की जिंदगी का सबसे खूबसूरत पड़ाव माना जाता है। परिवार खुश होता है, रिश्तेदार तारीफों के पुल बांधते हैं और सोशल मीडिया पर शुभकामनाओं की बाढ़ आ जाती है। लेकिन क्या यह प्यार और सम्मान बच्चे के जन्म के बाद भी वैसा ही बना रहता है?

अभिनेत्री कियारा आडवाणी का मानना है कि ऐसा हमेशा नहीं होता। हाल ही में मां बनीं कियारा ने एक ऐसा अनुभव साझा किया है, जिससे लाखों महिलाएं खुद को जोड़ सकती हैं। उन्होंने बताया कि प्रेग्नेंसी के दौरान जहां महिलाओं को विशेष सम्मान और सराहना मिलती है, वहीं बच्चे के जन्म के बाद समाज का रवैया अचानक बदल जाता है।

अब मेरा सबसे बेहतर वर्जन सामने आएगा

मां बनने के बाद जिंदगी में आए बदलावों पर बात करते हुए कियारा ने कहा कि यह अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा है। उनके मुताबिक मातृत्व ने उन्हें जीवन और दुनिया को देखने का एक नया नजरिया दिया है।

कियारा का मानना है कि इस अनुभव ने उन्हें भावनात्मक रूप से और ज्यादा मजबूत बनाया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में उनके साथ काम करने वाले निर्देशक शायद उनका सबसे परिपक्व और बेहतर रूप देखेंगे।

प्रेग्नेंसी में तारीफें, डिलीवरी के बाद सवाल

कियारा ने उस सामाजिक व्यवहार की ओर ध्यान दिलाया, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि जब कोई महिला प्रेग्नेंट होती है तो लोग उसकी चमक, खूबसूरती और खुशी की तारीफ करते नहीं थकते। लेकिन बच्चे के जन्म के कुछ ही समय बाद बातचीत का विषय बदल जाता है।

फिर चर्चा इस बात पर होने लगती है कि वजन कितना बढ़ गया, शरीर पहले जैसा क्यों नहीं दिख रहा या महिला कब तक अपने पुराने रूप में वापस आएगी।

यहीं से एक नई मानसिक और सामाजिक चुनौती शुरू होती है, जिसके बारे में बहुत कम बात की जाती है।

“मां बनने के बाद सबसे ज्यादा सहारे की जरूरत होती है”

कियारा का कहना है कि बच्चे के जन्म के बाद का समय किसी भी महिला के लिए सबसे कठिन दौर हो सकता है।

एक तरफ नई जिम्मेदारियां होती हैं, दूसरी तरफ शारीरिक और मानसिक बदलाव। इसके बावजूद समाज अक्सर यह उम्मीद करने लगता है कि महिला जल्द से जल्द पहले जैसी फिटनेस हासिल कर ले और अपने कामकाज में पूरी तरह लौट आए।

अभिनेत्री के मुताबिक यही वह समय है जब महिलाओं को सबसे ज्यादा समझ, सहयोग और भावनात्मक सहारे की जरूरत होती है।

मातृत्व सिर्फ बच्चे की नहीं, मां की भी कहानी है

कियारा ने एक बेहद दिलचस्प बात कही। उन्होंने कहा कि जैसे एक बच्चे की परवरिश के लिए पूरे गांव की जरूरत पड़ती है, उसी तरह एक मां को संभालने के लिए भी पूरे गांव की जरूरत होती है।

यह टिप्पणी सिर्फ एक व्यक्तिगत अनुभव नहीं, बल्कि उस सामाजिक सोच पर सवाल है जहां अक्सर पूरा ध्यान बच्चे पर केंद्रित हो जाता है और मां की जरूरतें पीछे छूट जाती हैं।

क्यों खास है कियारा की यह बात?

बॉलीवुड सितारों की जिंदगी अक्सर ग्लैमर के नजरिए से देखी जाती है, लेकिन कियारा ने जिस मुद्दे को उठाया है, वह हर वर्ग की महिलाओं से जुड़ा हुआ है।

विशेषज्ञ भी मानते हैं कि प्रसव के बाद महिलाओं को शारीरिक बदलावों, मानसिक दबाव और सामाजिक अपेक्षाओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में परिवार और समाज का सहयोग उनकी रिकवरी और आत्मविश्वास दोनों के लिए बेहद जरूरी होता है।

निजी जिंदगी और करियर दोनों में नया अध्याय

कियारा आडवाणी और अभिनेता Sidharth Malhotra ने 2023 में शादी की थी। जुलाई 2025 में दोनों ने अपनी बेटी का स्वागत किया। अब मातृत्व के अनुभवों के बीच कियारा अपनी आगामी फिल्म Toxic को लेकर भी चर्चा में हैं।

लेकिन इस बार उनकी चर्चा सिर्फ फिल्मों की वजह से नहीं, बल्कि उस सच्चाई की वजह से है, जिसे लाखों मांएं हर दिन महसूस करती हैं—प्रेग्नेंसी के दौरान मिलने वाली सराहना और मां बनने के बाद शुरू होने वाला जजमेंट।

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