Reliance Infrastructure Share Price: सोमवार को जब अधिकांश निवेशक बाजार की गिरावट से परेशान थे, तब अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सेंसेक्स कमजोरी में कारोबार कर रहा था, लेकिन Reliance Infra का शेयर 5% के अपर सर्किट पर पहुंच गया। पिछले 15 कारोबारी सत्रों में यह शेयर करीब 34% की तेजी दर्ज कर चुका है।
गिरते बाजार में क्यों चमका यह शेयर?
सोमवार को रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर 86.17 रुपये पर बंद हुआ। शेयर में आई इस अचानक तेजी के पीछे कंपनी की नई रणनीति को बड़ा कारण माना जा रहा है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि वह अपनी सहयोगी इकाइयों के साथ मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में प्रवेश करने की तैयारी कर रही है।
हालांकि कंपनी ने अभी निवेश की राशि या प्रोजेक्ट के आकार का खुलासा नहीं किया है, लेकिन AI सेक्टर में एंट्री की खबर ने निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। यही वजह रही कि कमजोर बाजार माहौल के बावजूद शेयर में खरीदारी का दबाव बना रहा।
सेबी के दरवाजे पर पहुंची कंपनी
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI), NSE और BSE से अपने शेयरों पर लागू अतिरिक्त निगरानी उपायों (ASM) की समीक्षा की मांग भी की है।
कंपनी का कहना है कि उसके शेयरों में सामान्य परिस्थितियों में पर्याप्त ट्रेडिंग वॉल्यूम रहता है और निवेशकों की सक्रिय भागीदारी भी दिखाई देती है। ऐसे में सप्ताह में सीमित ट्रेडिंग की व्यवस्था छोटे और खुदरा निवेशकों के हितों को प्रभावित कर रही है।
कंपनी का मानना है कि मौजूदा प्रतिबंध बाजार की स्वाभाविक कार्यप्रणाली में बाधा पैदा कर रहे हैं और इन्हें हटाने या पुनर्विचार करने की जरूरत है।
हालिया तेजी के बावजूद लंबी अवधि के निवेशक अभी भी नुकसान में
शॉर्ट टर्म में शेयर ने जोरदार वापसी दिखाई है, लेकिन लंबी अवधि की तस्वीर अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
- पिछले 6 महीनों में शेयर 40% से ज्यादा टूटा है।
- एक साल में इसमें 75% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।
- पिछले साल जून में यह शेयर 400 रुपये के ऊपर पहुंच गया था।
- उसके बाद से लगातार दबाव देखने को मिला और शेयर मौजूदा स्तरों तक फिसल गया।
यानी हालिया रैली ने ट्रेडर्स को जरूर आकर्षित किया है, लेकिन पुराने निवेशकों के लिए नुकसान की भरपाई अभी काफी दूर है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि AI जैसे हाई-ग्रोथ सेक्टर में एंट्री की घोषणा ने शेयर में नई उम्मीद जगाई है। हालांकि केवल घोषणा के आधार पर लंबी अवधि का निवेश निर्णय लेना जल्दबाजी हो सकती है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी AI बिजनेस में किस स्तर का निवेश करती है और उससे वास्तविक कारोबारी फायदा कितना निकलता है।
फिलहाल Reliance Infra एक बार फिर बाजार की चर्चा में है, लेकिन आगे की दिशा कंपनी के अगले कदम और वित्तीय प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।
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