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₹45 का IPO, मुनाफा 3 साल में 4 गुना! Hexagon Nutrition पर दांव लगाएं या नहीं?

Hexagon Nutrition IPO: एक तरफ IPO बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है, दूसरी तरफ न्यूट्रिशन और हेल्थकेयर सेक्टर की कंपनी Hexagon Nutrition निवेशकों के सामने अपना पब्लिक इश्यू लेकर आई है। 42-45 रुपये के प्राइस बैंड पर आए इस IPO को अब तक रिटेल और HNI निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। सवाल यह है कि क्या यह IPO केवल लिस्टिंग गेन की कहानी है या लंबी अवधि के निवेशकों के लिए भी अवसर बन सकता है?

क्या करती है कंपनी?

1993 में स्थापित Hexagon Nutrition एक रिसर्च आधारित न्यूट्रिशन कंपनी है। कंपनी माइक्रोन्यूट्रिएंट प्रीमिक्स, क्लिनिकल न्यूट्रिशन, वेलनेस प्रोडक्ट्स और रेडी-टू-यूज फूड्स बनाती है।

इसके प्रमुख ब्रांड्स में Pentasure, Obesigo, Pediagold और Nutrone शामिल हैं। कंपनी भारत के अलावा 75 से ज्यादा देशों में अपने उत्पाद निर्यात करती है। महाराष्ट्र, तमिलनाडु और उज्बेकिस्तान में इसके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट मौजूद हैं।

IPO की मुख्य बातें

  • IPO साइज: ₹138.87 करोड़
  • इश्यू टाइप: 100% Offer For Sale (OFS)
  • प्राइस बैंड: ₹42-45 प्रति शेयर
  • लॉट साइज: 333 शेयर
  • न्यूनतम निवेश: ₹14,985
  • लिस्टिंग: NSE और BSE
  • संभावित लिस्टिंग डेट: 12 जून 2026

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पूरी तरह OFS इश्यू है। यानी IPO से जुटाई गई रकम कंपनी के कारोबार में नहीं जाएगी बल्कि मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगी।

वित्तीय प्रदर्शन क्या कहता है?

पिछले तीन वर्षों में कंपनी के मुनाफे में लगातार सुधार देखने को मिला है।

वर्षPAT
FY23₹5.82 करोड़
FY24₹12.21 करोड़
FY25₹24.38 करोड़

दिसंबर 2025 तक नौ महीनों में कंपनी ₹27.03 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज कर चुकी है, जो पूरे FY25 से भी ज्यादा है।

इसके अलावा:

  • ROE: 13.02%
  • ROCE: 14.82%
  • Debt/Equity: 0.18
  • PAT Margin: 9.81%

कम कर्ज और लगातार बढ़ती कमाई कंपनी की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है।

वैल्यूएशन कितना आकर्षक?

ऊपरी प्राइस बैंड ₹45 पर कंपनी का P/E लगभग 15.35x निकलता है।

हेल्थकेयर और न्यूट्रिशन सेक्टर की कई लिस्टेड कंपनियां इससे ऊंचे वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रही हैं। यही वजह है कि कुछ विश्लेषक इस इश्यू को “फेयरली वैल्यूड” मान रहे हैं जबकि कुछ इसे सीमित अंडरवैल्यूएशन का अवसर बता रहे हैं।

सब्सक्रिप्शन से क्या संकेत मिल रहे हैं?

दूसरे दिन तक IPO कुल 4.60 गुना सब्सक्राइब हो चुका था।

  • Retail: 6.22x
  • NII: 6.70x
  • sNII: 10.03x
  • QIB: 0.17x

रिटेल और HNI निवेशकों का उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। हालांकि संस्थागत निवेशकों (QIB) की भागीदारी अभी अपेक्षाकृत कमजोर रही है।

यह अंतिम दिन के आंकड़ों में बदल सकता है, जिस पर बाजार की नजर रहेगी।

पॉजिटिव फैक्टर्स

✔ न्यूट्रिशन और हेल्थकेयर सेक्टर में मजबूत मौजूदगी

✔ 75+ देशों में एक्सपोर्ट नेटवर्क

✔ लगातार बढ़ती कमाई

✔ कम डेट और बेहतर मार्जिन

✔ मजबूत R&D क्षमता

✔ स्थापित ब्रांड पोर्टफोलियो

जोखिम क्या हैं?

✖ IPO पूरी तरह OFS है

✖ QIB रुचि अभी कमजोर

✖ मिड-साइज कंपनी होने के कारण लिक्विडिटी सीमित रह सकती है

✖ हेल्थ सप्लीमेंट बाजार में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है

निवेशकों के लिए क्या रणनीति हो सकती है?

अगर आपका लक्ष्य केवल लिस्टिंग गेन है, तो अंतिम दिन की सब्सक्रिप्शन और GMP पर नजर रखना जरूरी होगा।

लेकिन यदि आप 2-3 साल का नजरिया रखते हैं, तो Hexagon Nutrition एक ऐसे सेक्टर में काम करती है जिसकी मांग भारत और वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ रही है। कंपनी की वित्तीय स्थिति भी स्थिर दिखती है।

हालांकि OFS स्ट्रक्चर और सीमित स्केल को देखते हुए निवेशकों को बहुत आक्रामक उम्मीदें रखने से बचना चाहिए।

निष्कर्ष

Hexagon Nutrition IPO उन चुनिंदा स्मॉल-मिड कैप हेल्थकेयर इश्यू में शामिल है जहां बिजनेस मॉडल, मुनाफे की ग्रोथ और कम कर्ज सकारात्मक संकेत देते हैं। वैल्यूएशन भी बहुत महंगा नहीं दिखता। हालांकि QIB भागीदारी और OFS स्ट्रक्चर ऐसे फैक्टर हैं जिन पर निवेशकों को ध्यान देना चाहिए।

रेटिंग: Subscribe for Medium to Long Term

लिस्टिंग गेन की संभावना मौजूद है, लेकिन असली कहानी कंपनी के अगले कुछ वर्षों के ग्रोथ ट्रैक पर निर्भर करेगी।

Reliance Infrastructure Share Price: सोमवार को जब अधिकांश निवेशक बाजार की गिरावट से परेशान थे, तब अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सेंसेक्स कमजोरी में कारोबार कर रहा था, लेकिन Reliance Infra का शेयर 5% के अपर सर्किट पर पहुंच गया। पिछले 15 कारोबारी सत्रों में यह शेयर करीब 34% की तेजी दर्ज कर चुका है।

गिरते बाजार में क्यों चमका यह शेयर?

सोमवार को रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर 86.17 रुपये पर बंद हुआ। शेयर में आई इस अचानक तेजी के पीछे कंपनी की नई रणनीति को बड़ा कारण माना जा रहा है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि वह अपनी सहयोगी इकाइयों के साथ मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में प्रवेश करने की तैयारी कर रही है।

हालांकि कंपनी ने अभी निवेश की राशि या प्रोजेक्ट के आकार का खुलासा नहीं किया है, लेकिन AI सेक्टर में एंट्री की खबर ने निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। यही वजह रही कि कमजोर बाजार माहौल के बावजूद शेयर में खरीदारी का दबाव बना रहा।

सेबी के दरवाजे पर पहुंची कंपनी

रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI), NSE और BSE से अपने शेयरों पर लागू अतिरिक्त निगरानी उपायों (ASM) की समीक्षा की मांग भी की है।

कंपनी का कहना है कि उसके शेयरों में सामान्य परिस्थितियों में पर्याप्त ट्रेडिंग वॉल्यूम रहता है और निवेशकों की सक्रिय भागीदारी भी दिखाई देती है। ऐसे में सप्ताह में सीमित ट्रेडिंग की व्यवस्था छोटे और खुदरा निवेशकों के हितों को प्रभावित कर रही है।

कंपनी का मानना है कि मौजूदा प्रतिबंध बाजार की स्वाभाविक कार्यप्रणाली में बाधा पैदा कर रहे हैं और इन्हें हटाने या पुनर्विचार करने की जरूरत है।

हालिया तेजी के बावजूद लंबी अवधि के निवेशक अभी भी नुकसान में

शॉर्ट टर्म में शेयर ने जोरदार वापसी दिखाई है, लेकिन लंबी अवधि की तस्वीर अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

  • पिछले 6 महीनों में शेयर 40% से ज्यादा टूटा है।
  • एक साल में इसमें 75% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।
  • पिछले साल जून में यह शेयर 400 रुपये के ऊपर पहुंच गया था।
  • उसके बाद से लगातार दबाव देखने को मिला और शेयर मौजूदा स्तरों तक फिसल गया।

यानी हालिया रैली ने ट्रेडर्स को जरूर आकर्षित किया है, लेकिन पुराने निवेशकों के लिए नुकसान की भरपाई अभी काफी दूर है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि AI जैसे हाई-ग्रोथ सेक्टर में एंट्री की घोषणा ने शेयर में नई उम्मीद जगाई है। हालांकि केवल घोषणा के आधार पर लंबी अवधि का निवेश निर्णय लेना जल्दबाजी हो सकती है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी AI बिजनेस में किस स्तर का निवेश करती है और उससे वास्तविक कारोबारी फायदा कितना निकलता है।

फिलहाल Reliance Infra एक बार फिर बाजार की चर्चा में है, लेकिन आगे की दिशा कंपनी के अगले कदम और वित्तीय प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।

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Disclaimer:- Hindi khabar 24 का विजन भारत में वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देना है। हम जो सामग्री पोस्ट करते हैं वह विशुद्ध रूप से शिक्षा और मनोरंजन के उद्देश्य से है। हम सेबी पंजीकृत वित्तीय सलाहकार नहीं हैं। इसलिए हम कोई निवेश या वित्तीय सलाहकार सेवाएं प्रदान नहीं करते हैं। आप अपने पैसे और अपने फैसलों के लिए पूरी तरह जिम्मेदार होंगे। कृपया अपने वित्तीय निवेश के लिए किसी सेबी पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श ले !

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